
रिफाइनरी उद्घाटन पर सवाल
जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि रिफाइनरी परियोजना की तारीख बार-बार घोषित होती है, लेकिन काम शुरू नहीं होता। उन्होंने सवाल किया कि जब प्रधानमंत्री राजस्थान आ रहे हैं तो उनसे रिफाइनरी का उद्घाटन क्यों नहीं करवाया जा रहा?
पंचायत और निकाय चुनाव पर टिप्पणी
गहलोत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट दोनों ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव समय पर कराना संवैधानिक जिम्मेदारी है। इसके बावजूद राज्य सरकार चुनाव टाल रही है।
बजट में मारवाड़ की अनदेखी का आरोप
राज्य बजट पर बोलते हुए गहलोत ने कहा कि मारवाड़ और जोधपुर की अनदेखी की गई है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल के तीसरे चरण पर 1400 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जिससे जोधपुर और आसपास के गांवों को पानी मिलना था। उनका कहना है कि अब इस परियोजना की गति धीमी हो गई है।
इमारतें तैयार, स्टाफ की कमी
गहलोत ने कहा कि जोधपुर में लाइब्रेरी, अस्पताल और विश्वविद्यालयों की नई इमारतें बन चुकी हैं, लेकिन वहां स्टाफ और संसाधनों की कमी है।
मगरा पूंजला अस्पताल की बिल्डिंग तैयार है, पर डॉक्टर और नर्सों की नियुक्ति नहीं हुई है।
सामाजिक योजनाओं पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बुजुर्ग पेंशन, छात्राओं की स्कूटी योजना और छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं बंद पड़ी हैं। ठेकेदारों का भुगतान भी लंबित है, जिससे विकास कार्य रुक गए हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार पर चुनावी माहौल में ध्रुवीकरण करने का आरोप लगाया और कहा कि चुनाव के समय खातों में राशि भेजने पर पहले कभी आपत्ति नहीं हुई।
पीएम मोदी के दौरे से पहले इन मुद्दों को लेकर राजस्थान की राजनीति गरमा गई है।
