
सुरखी थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम पुलिस टीम पर पथराव किया गया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा मौके पर पहुंचे लेकिन घटना को छिपाने की कोशिश की गई।
पुलिस पर हमला कैसे हुआ?
महुआखेड़ा गांव के हल्ले घोसी, रामस्वरूप घोसी, रामजी घोसी और वीरेंद्र घोसी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। इन्हें पकड़ने प्रधान आरक्षक प्यारेलाल और आरक्षक बृजेंद्र गांव पहुंचे। आरोपियों और उनके परिजनों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें प्रधान आरक्षक प्यारेलाल के सिर में और आरक्षक बृजेंद्र के सिर व हाथ में चोटें आईं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया।
गांव में पुलिस तैनात, आरोपी फरार
हमले की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आइपीएस अफसर राज कृष्णा ने अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया। कुछ ही देर में गांव को छावनी में बदल दिया गया। पुलिस ने रामस्वरूप घोसी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन बाकी आरोपी परिवार सहित फरार हो गए।
आरोपी आदतन अपराधी
सूत्रों के अनुसार हमलावरों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। इन पर पहले से कई मामले दर्ज हैं। हमले में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस का बयान
“पुलिस टीम पर हमला हुआ, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, बाकी की तलाश जारी है।”
– प्रमोद वर्मा, पुलिस महानिरीक्षक, सागर रेंज
