अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने ऐसा दावा किया है जिसे लेकर दुनियाभर में चर्चा छिड़ गई है। ट्रंप ने मजाक में खुद को अगला पोप बनने की इच्छा जताई है, जिससे वेटिकन में पहले से चल रही उत्तराधिकारी प्रक्रिया को और हवा मिल गई है।
ट्रंप का यह बयान उस वक्त आया जब उनके दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद 100 दिन पूरे हुए। एक कार्यक्रम में उनसे जब पूछा गया कि वे अगला पोप किसे देखना चाहेंगे, तो उन्होंने हँसते हुए कहा, “अगर मुझसे पूछा जाए, तो मैं खुद पोप बनना पसंद करूंगा।” इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क के कार्डिनल टिमोथी डोलन को भी एक “बेहतरीन विकल्प” बताया।
मध्य पूर्व से भी दावेदारी
इस बीच पोप फ्रांसिस की मृत्यु के बाद उनके उत्तराधिकारी को लेकर दुनियाभर से नाम सामने आ रहे हैं। खास बात यह है कि मध्य पूर्व से भी एक नाम उभरा है। इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने कार्डिनल लुईस राफेल प्रथम साको का समर्थन किया है। उन्होंने उन्हें “रोम की पवित्र गद्दी के लिए मध्य पूर्व का एकमात्र उपयुक्त उम्मीदवार” बताया।
ट्रंप का 100 दिनों का कार्यकाल और विवाद
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के शुरुआती 100 दिनों में कई विवादास्पद निर्णय लिए हैं। टैरिफ नीति के चलते अमेरिका के कई अंतरराष्ट्रीय रिश्ते तनाव में हैं, जबकि रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व पर उनकी रणनीति को लेकर भी आलोचना हो रही है। बावजूद इसके, ट्रंप लगातार अमेरिका को फिर से महान बनाने की बात कह रहे हैं और अपने फैसलों को सही ठहराते दिखते हैं।
क्या ट्रंप की बात में गंभीरता है?
हालांकि ट्रंप का यह बयान हँसी-मजाक में दिया गया लगता है, लेकिन वेटिकन में चल रही गंभीर उत्तराधिकार चर्चा के बीच उनका नाम उछलना खुद में एक अप्रत्याशित और प्रतीकात्मक घटना बन गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि धार्मिक और राजनीतिक हलकों में इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।

