भीषण गर्मी और 44°C तापमान से धान की नर्सरी पर संकट, बुवाई से पहले किसानों को एक्सपर्ट्स की सलाह
देश के कई हिस्सों में पड़ रही प्रचंड गर्मी अब खेती पर भी असर डालने लगी है। 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचे तापमान के बीच धान की नर्सरी तैयार करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी और गर्म हवाओं के कारण धान की शुरुआती फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
धान की खेती के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी दौरान नर्सरी तैयार की जाती है। लेकिन लगातार बढ़ते तापमान और पानी की कमी के कारण खेतों में नमी बनाए रखना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, तेज गर्मी में धान के छोटे पौधों के सूखने और उनकी वृद्धि रुकने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि नर्सरी में नियमित सिंचाई करें और खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखें।
इसके अलावा दोपहर के समय खेतों में पानी का स्तर बनाए रखने और पौधों को सीधे गर्म हवा से बचाने के उपाय करने की भी सलाह दी गई है। कुछ विशेषज्ञों ने जरूरत पड़ने पर हल्की शेड नेट या जैविक मल्चिंग का उपयोग करने की बात कही है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में कई राज्यों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में धान उत्पादक क्षेत्रों के किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि यदि जल्द मौसम में बदलाव नहीं हुआ तो धान की बुवाई और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। वहीं कृषि विभाग ने किसानों से मौसम अपडेट पर नजर रखने और स्थानीय कृषि अधिकारियों से संपर्क में रहने की अपील की है।

