
जिला शिक्षा अधिकारी कमलेश तेतरवाल ने बताया कि हर साल शिक्षा विभाग से कई कर्मचारी रिटायर होते हैं, इसलिए पहले चरण में शिक्षा विभाग के पेंशनर्स के मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
15 अप्रैल तक दे सकेंगे आवेदन
पेंशनर्स अपनी समस्याओं या शिकायतों (परिवेदनाएं) को 15 अप्रैल तक जमा कर सकते हैं, ताकि उन्हें अदालत में शामिल किया जा सके।
लंबित मामलों पर सख्ती
जानकारी के अनुसार:
- 731 मामलों को अभी तक आगे नहीं भेजा गया है
- 988 मामले कमियों के कारण अटके हुए हैं
- आने वाले 3 महीनों में 2136 कर्मचारी रिटायर होने वाले हैं
इन सभी मामलों को जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
किन मामलों को मिलेगी प्राथमिकता
इस पहली पेंशन अदालत में खास ध्यान इन लोगों पर रहेगा:
- विधवा महिलाएं
- तलाकशुदा महिलाएं
- अविवाहित बेटियां
- दिव्यांग व्यक्ति
साथ ही, नौकरी के दौरान मृत कर्मचारियों के परिवारों के पेंशन मामलों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
कौन-कौन रहेगा मौजूद
पेंशन अदालत में कई अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल होंगे, जैसे:
- पेंशन विभाग के अधिकारी
- शिक्षा विभाग के अधिकारी
- कोषाधिकारी
- पेंशनर्स संगठनों के प्रतिनिधि
क्या करें पेंशनर्स
अधिकारियों ने पेंशनर्स से अपील की है कि वे ज्यादा से ज्यादा अपनी समस्याएं समय पर जमा करें, ताकि उनका समाधान जल्दी किया जा सके।
