
दरअसल, ईडी के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान प्रताप सिंह ने बीजेपी सरकार पर मंदिर के लिए दिए गए 100 करोड़ रुपये में कटौती का आरोप लगाया। इसी दौरान उन्होंने दीया कुमारी और बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान को लेकर एक विवादित टिप्पणी कर दी, जिससे यह विवाद शुरू हुआ।
राजपूत सभा ने उन्हें पत्र लिखते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर बात करना उनका अधिकार है, लेकिन उसे मर्यादित भाषा में होना चाहिए। राजपूत समाज ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी समाज की संस्कृति और महिलाओं की गरिमा का अपमान है। उन्होंने मांग की कि प्रताप सिंह खाचरियावास तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और अपना बयान वापस लें।
