
हड़ताल के कारण पंचायत का काम ठप
ग्राम पंचायत सचिव अपने शासकीयकरण (सरकारी नौकरी) की मांग को लेकर पिछले 10 दिनों से हड़ताल पर हैं। इससे पंचायतों में सभी जरूरी काम रुक गए हैं। ग्रामीणों को जनपद कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
सचिवों की मांग: सरकार ने पूरा नहीं किया वादा
सचिव संघ के अनुसार, भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले ‘मोदी की गारंटी’ के तहत सचिवों के शासकीयकरण का वादा किया था, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर कमेटी तक नहीं बनाई गई। इस वजह से नाराज सचिव हड़ताल पर हैं और पंचायत के कामकाज को ठप कर दिया है।
हड़ताल खत्म होने तक नहीं लौटेंगे सचिव
सचिवों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, वे काम पर नहीं लौटेंगे। सचिव संघ के ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण नाग और प्रदेश महामंत्री रमेश जायसवाल ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।
हर दिन बढ़ रही हड़ताल में शामिल लोगों की संख्या
बुधवार को हड़ताल स्थल पर रामदुलार पटेल, शीतल गुप्ता, रामधनी लकड़ा, विनय कुजूर, संदीप शर्मा, रमेश बघेल, रामलाल, रूपेन्द्र पैंकरा, गजानंद, भुनेश्वर यादव, भानु सिदार, वोटसाय, माधुरी माहेश्वरी सहित 50 से अधिक सचिव मौजूद रहे।
निष्कर्ष: हड़ताल की वजह से प्रधानमंत्री आवास योजना का काम पूरी तरह ठप हो गया है। ग्रामीणों को दिक्कतें हो रही हैं और सरकार पर वादे न निभाने के आरोप लग रहे हैं।
