पृष्ठभूमि:
भारत-पाकिस्तान तनाव के संदर्भ में सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के चलते अशोका यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अली खान महमूदाबाद को हरियाणा पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बताया गया कि ये कार्रवाई सोनीपत के एक निवासी योगेश द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर हुई। आरोप है कि प्रोफेसर की पोस्ट दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने की श्रेणी में आती है।
क्या है मामला:
6-7 मई की रात भारतीय सेना की एक कार्रवाई के बाद दो महिला अधिकारी—कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह—ने प्रेस ब्रीफिंग की थी। इसके बाद, 8 मई को प्रोफेसर अली खान ने इस पर प्रतिक्रिया दी और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में युद्ध की मानसिकता, सांप्रदायिक राजनीति और सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका को लेकर अपने विचार साझा किए।
उनकी इस पोस्ट को हरियाणा राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान में लिया। आयोग का कहना था कि प्रोफेसर का बयान न सिर्फ वर्दीधारी महिलाओं का अपमान है, बल्कि यह सांप्रदायिक तनाव को भी बढ़ा सकता है। आयोग ने उन्हें समन जारी कर जवाब मांगा।
गिरफ्तारी कैसे हुई:
17 मई को शिकायतकर्ता योगेश की एफआईआर के बाद, 18 मई की सुबह करीब 6:30 बजे हरियाणा पुलिस की टीम दिल्ली स्थित उनके घर पहुँची और उन्हें अपने साथ ले गई। प्रोफेसर की पत्नी, जो गर्भवती हैं, ने इस कार्रवाई को “अचानक और अमानवीय” बताया।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 196(1)(B), 197(1)(C), 152 और 299 के तहत केस दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद प्रोफेसर को ट्रांजिट रिमांड पर सोनीपत ले जाया गया।
प्रोफेसर अली खान का पक्ष:
प्रोफेसर के वकीलों का कहना है कि उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का प्रयोग किया है। उनका बयान शैक्षणिक संदर्भ में दिया गया था और उसे गलत तरीके से पेश किया गया।
समर्थन और विरोध:
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योगेंद्र यादव (स्वराज अभियान): “इस पोस्ट में ऐसा क्या है जो महिला-विरोधी या सांप्रदायिक हो?”
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रामचंद्र गुहा (इतिहासकार): “लोकतंत्र की जननी” लिखकर कटाक्ष।
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अपूर्वानंद (दिल्ली यूनिवर्सिटी): गिरफ्तारी को अवैध करार दिया।
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महुआ मोइत्रा (टीएमसी सांसद): कानूनी कार्रवाई की बात कही।
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मनोज झा (आरजेडी सांसद): “सच्चा लोकतंत्र वो है जहाँ खुलकर बोलने पर सजा नहीं मिलती।”
वहीं, अशोका यूनिवर्सिटी से जुड़े 1200 से अधिक लोगों ने एक खुले पत्र में प्रोफेसर के समर्थन में हस्ताक्षर किए और महिला आयोग से माफी माँगने की मांग की।
प्रोफेसर अली खान कौन हैं?
अली खान महमूदाबाद अशोका यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान और इतिहास पढ़ाते हैं। उन्होंने एमहर्स्ट कॉलेज (अमेरिका) से स्नातक, दमिश्क यूनिवर्सिटी से एमफिल और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी (यूके) से पीएचडी की है। उनका राजनीतिक जुड़ाव समाजवादी पार्टी से भी जुड़ा रहा है।

