FIFA World Cup 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और इस बार टूर्नामेंट में इस्तेमाल होने वाली फुटबॉल पिच की घास भी खास चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, “परफेक्ट” घास तैयार करने के लिए करीब 47 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और वैज्ञानिकों की एक विशेष टीम पिछले कई वर्षों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।
जानकारी के अनुसार, अलग-अलग मौसम, खिलाड़ियों की स्पीड और मैच की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए इस घास को विकसित किया गया है। इसके लिए वैज्ञानिकों ने पिछले 8 वर्षों में 170 से ज्यादा प्रयोग किए।
विशेषज्ञों का कहना है कि फुटबॉल में मैदान की गुणवत्ता मैच के स्तर और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सीधा असर डालती है। यही वजह है कि FIFA इस बार मैदान की सतह को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
बताया जा रहा है कि घास की मजबूती, गेंद की गति, खिलाड़ियों की पकड़ और चोट की संभावना को ध्यान में रखते हुए कई प्रकार की तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। वैज्ञानिकों ने अलग-अलग देशों के मौसम और स्टेडियम परिस्थितियों के अनुसार परीक्षण किए।
FIFA World Cup 2026 का आयोजन अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में होना है। इतने बड़े और बहु-देशीय आयोजन को देखते हुए मैदान की गुणवत्ता बनाए रखना आयोजकों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक खेलों में अब तकनीक और विज्ञान की भूमिका लगातार बढ़ रही है। खिलाड़ियों की फिटनेस से लेकर मैदान की सतह तक हर चीज पर वैज्ञानिक स्तर पर काम किया जा रहा है।
फिलहाल “परफेक्ट” घास को लेकर फुटबॉल जगत में काफी उत्साह है और इसे आगामी वर्ल्ड कप की बड़ी तैयारियों में से एक माना जा रहा है।

