बंगाल में गायों की कटाई पर रोक, सार्वजनिक बूचड़खाने भी बंद करने की तैयारी
पश्चिम बंगाल में गायों की कटाई और बूचड़खानों को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। राज्य में सार्वजनिक बूचड़खानों को बंद करने और पशु कटाई पर सख्त नियम लागू करने की तैयारी की जा रही है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि सरकार अब करीब 75 साल पुराने कानून को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, किसी भी जानवर की कटाई से पहले पशु चिकित्सक से फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा। डॉक्टर यह प्रमाणित करेगा कि संबंधित जानवर कटाई के लिए उपयुक्त है या नहीं। बिना अनुमति और मेडिकल जांच के पशु कटाई पर कार्रवाई हो सकती है।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अवैध बूचड़खानों और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए यह कदम जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि पुराने कानूनों का सख्ती से पालन कराने से पशु संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों को फायदा होगा।
इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष और विभिन्न संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे पशु संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ ने इससे जुड़े रोजगार और व्यापार पर असर को लेकर चिंता जताई है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, नियमों को लागू करने के लिए स्थानीय निकायों और पशुपालन विभाग को दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

