
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत बस्तर और सरगुजा संभाग के 9 जिलों के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों को बस सेवा से जोड़ने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत 13 नए रूटों पर कुल 587 किलोमीटर में यात्री बसों का संचालन किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने इसके लिए रूट तय कर लिए हैं और जल्दी ही इन पर बस परमिट भी जारी किया जाएगा।
किन-किन रूटों पर चलेंगी बसें?
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दंतेवाड़ा (कटेकल्याण से नकुलनार तक)
रास्ता: तुमकापाल, गड़से, तेलम, टेटम, जिहाकोड़ता आदि – 42 किमी -
सुकमा (कोन्टा से मरईगुड़ा वन तक)
रास्ता: मुरलीगुड़ा, बंडा, दुबामरका, पिलवाया, गोलापल्ली, किस्टाराम आदि – 68 किमी -
जगदलपुर (दरभा से नेगानार होते हुए वापसी तक)
रास्ता: ककालगुर, नेतानार, केशपुर, चिंगपाल आदि – 94 किमी -
बीजापुर (मुख्यालय से कान्दुलनार तक)
रास्ता: चिन्नाकोड़ेपाल, आदेड़, गुड्डीपाल – 25 किमी -
बीजापुर (भोपालपट्टनम से कांदलापर्ती तक)
रास्ता: उल्लूर, चिल्लामरका – 22 किमी -
बीजापुर (भोपालपट्टनम से मट्टीमरका तक)
रास्ता: दम्मुर, सकनापल्ली, वाड़ला आदि – 19 किमी -
नारायणपुर (मुख्यालय से नलंगुर तक)
रास्ता: डुमरतराई, मोहंदी, बेड़ामकोटी – 63 किमी -
कोंडागांव (मुख्यालय से रानापाल तक)
रास्ता: छेरीबेड़ा, टेमरू, चेमा, मलनार – 70 किमी -
जशपुर (दुलदुला से दुलदुला वापसी तक)
रास्ता: मन्जूरचूंदी, बाकुना, सिरिमकेला – 27 किमी -
बलरामपुर (राजपुर से नरसिंहपुर तक)
रास्ता: परसागुड़ी, चिलमाकला – 20 किमी -
बलरामपुर (राजपुर से अखराखुर्द तक)
रास्ता: डकवा, बदौली – 42 किमी -
मनेन्द्रगढ़ (जनकपुर से बड़वाही तक)
रास्ता: भरतपुर, बेलगांव, महदौली – 45 किमी -
मनेन्द्रगढ़ (जनकपुर से मलकडोल तक)
रास्ता: मसौरा, जोलगी, कुंवारपुर – 50 किमी
निष्कर्ष:
इस योजना से दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों को यातायात की सुविधा मिलेगी, जिससे लोगों को शिक्षा, इलाज और रोजगार के लिए शहरों तक पहुंचना आसान होगा। यह छत्तीसगढ़ सरकार का ग्रामीण विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
