मनामा (बहरीन): ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बहरीन की राजधानी मनामा में एक अंतरराष्ट्रीय बैठक के दौरान पाकिस्तान पर सीधा हमला बोला। ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान पीड़ित नहीं बल्कि हमलावर देश है और उसने क्षेत्रीय शांति को खतरे में डालने वाली मूर्खतापूर्ण नीतियां अपनाई हैं।
“भारत को नहीं चाहिए संघर्ष, लेकिन मजबूरी में जवाब दिया”
ओवैसी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि भारत ने आतंकवादी गतिविधियों के जवाब में कार्रवाई की, जहां 9 आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, “हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन पाकिस्तान द्वारा की गई हरकतें हमें मजबूर कर रही हैं।”
“पाकिस्तान को फिर से ग्रे लिस्ट में डाला जाए”
अपने संबोधन में ओवैसी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में दोबारा शामिल किया जाए। उनका तर्क था कि आतंकी संगठनों को लगातार समर्थन देने वाले देश को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जवाबदेह ठहराना जरूरी है।
भारत के वैश्विक योगदान पर ज़ोर
ओवैसी ने बहरीन के नेताओं को यह भी याद दिलाया कि भारत के लोग वर्षों से खाड़ी देशों, विशेषकर बहरीन, के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “भारत और बहरीन के संबंध ऐतिहासिक और भरोसे पर आधारित हैं, और इन रिश्तों को क्षेत्रीय अस्थिरता से प्रभावित नहीं होने देना चाहिए।”
पाकिस्तानी सैन्य भूमिका और TRF पर चिंता
AIMIM सांसद ने बैठक में 15 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर के बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर भड़काऊ बयानबाज़ी की थी। ओवैसी ने TRF (The Resistance Front) की भूमिका और भारत में किए गए हमलों की जिम्मेदारी लेने को पाकिस्तान की संलिप्तता का सबूत बताया।
उन्होंने कहा कि भारत के पास स्पष्ट तकनीकी प्रमाण हैं कि ये आतंकी पाकिस्तान की सीमाओं और वहां की सैन्य तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु:
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🛡️ भारत ने 9 आतंकी ठिकानों को किया था निशाना
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🔥 ओवैसी का बयान – “पाकिस्तान मूर्खता कर रहा है”
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⚠️ TRF की गतिविधियों और असीम मुनीर के भाषण पर चिंता
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📝 FATF की ग्रे लिस्ट में पाकिस्तान को लाने की मांग
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🤝 भारत-बहरीन सहयोग और भारतीयों की भूमिका को रेखांकित किया गया

