
क्या हुआ
11 वर्षीय राधेश्याम, जो डिंडोर स्कूल का छात्र है, कॉपी चिपकाते समय फेवीक्विक के ब्लिस्टर पैक से निकलने वाला तरल अपने हाथों पर लग गया।
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गलती से उसने हाथों से अपनी आंखें मल ली, जिससे उसकी दोनों पलकें चिपक गईं।
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बच्चा और परिजन हैरान-परेशान हो गए।
इलाज
परिजन उसे कुशलगढ़ सीएचसी ले गए, फिर बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल और अंत में उदयपुर रेफर किया गया।
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उदयपुर में विशेषज्ञों ने साइअनॉएक्रिलेट हटाकर पलकें खोलीं।
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इलाज के बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो गया।
नतीजा
बच्चा अब पहले की तरह स्कूल जा सकता है और उसकी आंखों पर कोई खतरा नहीं है।
