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“बाइडेन नहीं, उनका डुप्लिकेट है…”: ट्रंप ने शेयर किया विवादास्पद पोस्ट, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

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वॉशिंगटन, डीसी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया है, जिसने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि जो बाइडेन की मौत 2020 में हो चुकी है, और तब से दुनिया को उनके बॉडी डबल्स और रोबोट वर्ज़न ही दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि इस सनसनीखेज़ दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन ट्रंप द्वारा इस पोस्ट को दोबारा साझा करने से राजनीतिक बहस और साजिश सिद्धांतों को नया ईंधन मिल गया है।


पोस्ट में क्या कहा गया?

शनिवार को ट्रंप ने एक गुमनाम अकाउंट से किए गए पोस्ट को री-शेयर किया। उसमें लिखा था:

कोई असली जो बाइडेन नहीं है, उनकी मौत 2020 में ही हो गई थी। आज जो हम देख रहे हैं वह सिर्फ क्लोन, डबल्स और रोबोट हैं – जिनमें आत्मा और समझने की क्षमता नहीं है। लेकिन डेमोक्रेट्स को इनमें कोई फर्क नहीं दिखता।”

इस पोस्ट के साथ ट्रंप ने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया, लेकिन इसे शेयर करने के बाद इंटरनेट पर “बॉडी डबल थ्योरी” फिर से वायरल होने लगी है।


ट्रंप के तीखे शब्द: ‘बाइडेन के लिए दुख मत करो’

इस विवादास्पद पोस्ट से ठीक एक दिन पहले ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाइडेन को लेकर तीखा बयान दिया था। उन्होंने कहा:

बाइडेन दयनीय नहीं, बल्कि दुष्ट हैं। उन्हें लेकर सहानुभूति दिखाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्होंने कई लोगों को नुकसान पहुंचाया है।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि बाइडेन हमेशा से ही कोई महान बुद्धिजीवी नहीं रहे, बल्कि वे “एक सीमित समझ वाले और राजनीतिक रूप से प्रेरित व्यक्ति” हैं।


बाइडेन की सेहत को लेकर भी चर्चाएं

राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हाल ही में पुष्टि की थी कि उन्हें प्रोस्टेट कैंसर है, जिसका इलाज जारी है। इससे पहले बाइडेन की याद्दाश्त में कमी को लेकर भी चर्चाएं चलती रही हैं।

हाल ही में मेमोरियल डे कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए बाइडेन ने कहा:

मुझे उम्मीद है कि हम इस बीमारी को हरा देंगे। फिलहाल इलाज चल रहा है और मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं।”

उनकी सेहत को लेकर एक ओर जहां सहानुभूति जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर ट्रंप की ओर से लगातार उन पर राजनीतिक हमले जारी हैं।


राजनीति या प्रोपेगैंडा?

विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह पोस्ट साजिश सिद्धांतों को हवा देने की रणनीति हो सकती है, खासकर 2024 के राष्ट्रपति चुनावों को ध्यान में रखते हुए।

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि बाइडेन की बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं और इस तरह के पोस्ट आम जनता में भ्रम और अविश्वास फैलाने का काम कर सकते हैं।


निष्कर्ष

डोनाल्ड ट्रंप का यह पोस्ट उनके विरोधियों के लिए विवाद का कारण बन गया है और समर्थकों के लिए चर्चा का विषय। लेकिन बाइडेन की ओर से इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
जहां एक ओर अमेरिका गंभीर वैश्विक और घरेलू मुद्दों से जूझ रहा है, वहीं इस तरह की राजनीतिक बयानबाज़ी लोकतांत्रिक संवाद को और भी जटिल बना रही है।

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