
मवेशी मालिक ने बताया घटना
ठाडपथरा निवासी मवेशी मालिक संभर गौंड ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे उनकी बछिया घर के सामने बैठी थी, तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया और उसे खेत की ओर घसीटते हुए ले गया। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का पंचनामा तैयार किया, साथ ही मुआवजे की प्रक्रिया भी शुरू की।
बाघ का मूवमेंट और ट्रेप कैमरा
गुरुवार शाम को बाघ सिलपीडी के जंगल में देखा गया था और संभावना जताई जा रही है कि बाघ सिलपीडी से होते हुए ठाडपथरा आया है। बाघ की निगरानी के लिए वन विभाग और वन रक्षा समिति के सदस्य आठ-आठ घंटे की शिफ्टों में सतर्कता बरत रहे हैं। ट्रेप कैमरों की लोकेशन भी अब ठाडपथरा में बदली गई है, ताकि बाघ की स्थिति और आदतों का पता चल सके।
जंगली हाथियों का मूवमेंट
पश्चिम करंजिया के वन क्षेत्र में चार जंगली हाथियों का मूवमेंट भी जारी है। गुरुवार तक हाथियों ने चकरार और ठाडपथरा में फसल को नुकसान पहुँचाया था। शुक्रवार को हाथियों का झुंड पंडरीपानी के जंगलों की तरफ बढ़ गया।
वन विभाग का बयान
रेंजर प्राची मिश्रा ने बताया कि बाघ और हाथियों की निगरानी पश्चिम करंजिया रेंज में की जा रही है। बाघ के शिकार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को कोई नुकसान न हो। इसके लिए एक विशेष दस्ता भी तैनात किया गया है।
