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बाड़मेर में मंत्री का अधिकारियों पर गुस्सा: बोले – ‘तलाब की जानकारी नहीं, फिर तनख्वाह किस बात की लेते हो?’

बाड़मेर:
रविवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर ‘वंदे गंगा जल संरक्षण–जन अभियान’ की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम और उद्योग राज्य मंत्री केके विश्नोई मौजूद थे। इस दौरान जब अधिकारियों ने अधूरी जानकारी दी, तो मंत्री गुस्से में आ गए और बोले – “फिर आप तनख्वाह किस बात की लेते हो?”

तालाब की क्षमता पूछी, अधिकारी ने कहा – ‘एक लाख लीटर’

बैठक में जल संसाधन विभाग (WRD) के अधिकारी ने जसदेर धाम के तालाब की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि उसमें फूल लग गए हैं। इस पर मंत्री ने पूछा – “तालाब की क्षमता कितनी है?” अधिकारी ने हड़बड़ाते हुए जवाब दिया – “एक लाख लीटर।”

यह सुनकर मंत्री हैरान रह गए और बोले – “यह जवाब गलत है, क्षमता 50 लाख लीटर से ज्यादा होनी चाहिए।” इसके बाद जिला कलेक्टर टीना डाबी को हस्तक्षेप करना पड़ा। मंत्री ने कहा – “बैठक में तैयारी से आओ, यहां कलेक्टर और मंत्री बैठे हैं और तुम्हें सही जानकारी नहीं, फिर वेतन किस बात का मिल रहा है?”

मंत्री ने दिया जल संरक्षण का संदेश

मंत्री बेढम ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य जल को बचाना और उसका सही उपयोग करना है। बाड़मेर लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहा है, ऐसे में पुराने जलस्रोतों का संरक्षण बहुत जरूरी है।

बाड़मेर शहर की नालियों की समस्या

मंत्री ने बताया कि शहर में ड्रेनेज की समस्या है। कलेक्ट्रेट और बलदेव नगर जैसे इलाकों में पानी भर जाता है। उन्होंने नगर परिषद सचिव को 2 दिन में ड्रेनेज प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।

तालाबों की संख्या पर अधिकारी चुप

मंत्री ने जब पूछा कि बाड़मेर जिले में कितने तालाब हैं और 50 लाख लीटर से अधिक क्षमता वाले कितने तालाब हैं, तो कोई अधिकारी जवाब नहीं दे पाया। रिपोर्ट तक किसी के पास नहीं थी। इस पर मंत्री बोले – “समीक्षा बैठक में आए हो, लेकिन आपको कोई जानकारी नहीं है।”

इस बैठक में अधिकारियों की लापरवाही और तैयारी की कमी साफ नजर आई, जिस पर मंत्रियों ने सख्त नाराजगी जताई और सुधार की हिदायत दी।

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