
लगातार हो रही बारिश ने गरीबों की जिंदगी पर एक और कहर बरपा दिया है। रतननगर के पास थैलासर गांव के वार्ड नंबर 6 में रहने वाले पालाराम लोहार का एकमात्र कमरा, जो उन्होंने मेहनत-मजदूरी से बनवाया था, भारी बारिश में ढह गया। यह छोटा सा घर ही उनके पांच लोगों के परिवार की पूरी दुनिया था।
मेहनत से बनाया, बारिश ने तोड़ दिया
पालाराम लोहार, जो रतननगर के श्रीराम चौक के पास लोहे के औजार बनाकर गुजर-बसर करते हैं, उनका घर बारिश में पूरी तरह गिर चुका है। इस घर में उनके साथ उनकी बुजुर्ग मां, पत्नी, बहन और बहन का बेटा रहते थे।
अब खुले आसमान के नीचे
घर गिर जाने के बाद पूरा परिवार खुले में रहने को मजबूर है। बारिश से बचने के लिए कहीं छांव तो कहीं मदद मांगकर दिन गुजार रहे हैं। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक की हालत बेहद खराब है।
समाजसेवियों ने की मदद की अपील
स्थानीय समाजसेवियों विजय गोठवाल और मंगलचंद भार्गव ने कहा है कि यह समय मानवता की सेवा का है। रतननगर में कई भामाशाह और दानदाता हैं जो इस बेघर हुए मजदूर परिवार की मदद कर सकते हैं। उन्होंने प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं से भी तत्काल सहायता देने की अपील की है।
निष्कर्ष
एक मेहनतकश परिवार आज सर पर छत के लिए तरस रहा है। यह केवल एक घर का गिरना नहीं, बल्कि गरीबी और संघर्ष की एक बड़ी त्रासदी है। जरूरत है कि समाज और प्रशासन मिलकर इस परिवार को फिर से बसाएं।
