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बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले अब हिंदी में भी मिलेंगे – अनुवाद कार्य शुरू, रिटायर्ड जजों की मदद ली जा रही

बिलासपुर से अच्छी खबर: अब बिलासपुर हाईकोर्ट और छत्तीसगढ़ से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले हिंदी में भी उपलब्ध होंगे। पहले सिर्फ अंग्रेजी में फैसले दिए जाते थे, लेकिन अब हिंदी अनुवाद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जिन्हें अंग्रेजी में फैसले समझने में कठिनाई होती थी।


🔹 पहले चरण में किन फैसलों का हो रहा अनुवाद?

अभी A.F.R. (Approved for Reporting) यानी रिपोर्टिंग के लिए चुने गए फैसलों का हिंदी में अनुवाद किया जा रहा है।
बाद में सभी फैसलों का हिंदी ट्रांसलेशन किया जाएगा।


🔹 पूरे देश में लागू होगी यह सुविधा

देश के अन्य हाईकोर्ट में भी यह व्यवस्था लागू की जा रही है।

  • दक्षिण भारत में फैसले तेलुगु, तमिल, मलयालम जैसी भाषाओं में अनुवादित किए जाएंगे।

  • हिंदी भाषी राज्यों में फैसले हिंदी में उपलब्ध होंगे।

इसके लिए एक स्पेशल सॉफ्टवेयर भी बनाया गया है।


🔹 कौन कर रहा है अनुवाद?

  • विधि स्नातक अनुवादक (LLB पास)

  • हाईकोर्ट/जिला कोर्ट के वकील

  • रिटायर्ड जज और न्यायिक अधिकारी

इन सभी की मदद से अनुवाद का काम किया जा रहा है।


🔹 पैनल में शामिल होने का मौका

हाईकोर्ट ने बताया है कि जो लोग अनुवाद कार्य में रुचि रखते हैं वे आवेदन कर सकते हैं।

  • प्रति पेज ₹200 पारिश्रमिक मिलेगा।

  • आवेदन डाक या ईमेल से भेजा जा सकता है।

  • अनुवाद की गुणवत्ता और सत्यापन के बाद ही भुगतान होगा।


🔹 आवेदन कैसे करें?

  • उच्च न्यायालय द्वारा तय किए गए प्रारूप में आवेदन करें।

  • सभी जरूरी दस्तावेज साथ लगाएं।

  • आवेदन विशेष कार्य अधिकारी, हाईकोर्ट बिलासपुर को भेजें।


यह पहल प्रदेशवासियों के लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि अब वे कोर्ट के फैसले अपनी भाषा में आसानी से समझ पाएंगे।

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