
बैठक हुई, फिर भी फैसला नहीं
सोमवार शाम कांग्रेस विधायकों की बैठक हुई, लेकिन इस बैठक में भी नेता के नाम का ऐलान नहीं हो सका।
इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि विधायक दल के नेता का फैसला पार्टी हाईकमान को करना है। अभी दिल्ली से कोई निर्देश नहीं आया है, इसलिए निर्णय टल गया है।
सदन में RJD के साथ, बाहर अलग रास्ता
राजेश राम ने यह भी साफ किया कि
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विधानसभा के अंदर कांग्रेस, आरजेडी के साथ है
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लेकिन सदन के बाहर कांग्रेस अपनी अलग रणनीति पर चलेगी
प्रशांत किशोर को लेकर बयान
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान ने पहले कहा था कि अगर विचार मिलें तो प्रशांत किशोर के साथ राजनीतिक संभावनाएं बन सकती हैं।
इस पर जन सुराज पार्टी के नेता और पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का फोकस अभी संगठन मजबूत करने पर है और 8 फरवरी से जिला स्तर की बैठकें शुरू होंगी।
क्यों खाली है विधायक दल नेता का पद?
बिहार विधानसभा में कांग्रेस के कुल 6 विधायक हैं।
पिछले विधानसभा में शकील अहमद खान विधायक दल के नेता थे, लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद यह पद खाली हो गया।
दिल्ली में पिछले महीने हुई कांग्रेस की बैठक में भी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया।
अभी क्या स्थिति है?
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि
“अभी जो व्यवस्था है, उसी के तहत काम चल रहा है। पार्टी हाईकमान का निर्देश मिलते ही नेता तय कर लिया जाएगा।”
👉 कुल मिलाकर, बजट सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर असमंजस अब भी बना हुआ है।
