
उन्होंने कहा कि इस बुलेट ट्रेन के शुरू होने से कनेक्टिविटी, विकास और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही उत्तर भारत और उत्तर-पूर्व भारत के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
700 किलोमीटर लंबा होगा हाई-स्पीड कॉरिडोर
वाराणसी से सिलीगुड़ी तक बनने वाला यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर करीब 700 किलोमीटर लंबा होगा। इसके शुरू होने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, पटना से वाराणसी का सफर सिर्फ 1 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
इन शहरों से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन
यह बुलेट ट्रेन बिहार के कई बड़े शहरों से होकर गुजरेगी, जिनमें शामिल हैं –
बक्सर, आरा, पटना, कटिहार और किशनगंज।
इससे इन शहरों की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों को तेज व आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी।
300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन करीब 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई में भी काफी सुविधा होगी।
भविष्य में गुवाहाटी तक विस्तार की योजना
रेल मंत्री ने बताया कि देश में कुल 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनमें वाराणसी–सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी शामिल है।
भविष्य में इस कॉरिडोर को गुवाहाटी तक बढ़ाने की योजना है, ताकि पूर्वोत्तर भारत को भी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ा जा सके।
👉 कुल मिलाकर, यह बुलेट ट्रेन परियोजना बिहार और पूर्वी भारत के विकास में अहम भूमिका निभाने वाली है।
