
बीकानेर जिले में पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन का प्रारूप जारी कर दिया गया है। सोमवार देर रात तक जिला प्रशासन ने प्रारूप तैयार कर मंगलवार से आपत्तियां लेना शुरू कर दिया। इस पुनर्गठन के तहत जिले में छह नई पंचायत समितियों का गठन हुआ है, और कई नई ग्राम पंचायतें भी अस्तित्व में आई हैं।
जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहनलाल के नेतृत्व में जिला स्तरीय समिति ने प्रारूप को अंतिम रूप दिया। स्वयं जिला कलेक्टर ने देर रात तक कार्यालय में रहकर कार्य की निगरानी की।
नई पंचायत समितियां और पुनर्गठन
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लूणकरनसर पंचायत समिति पुनर्गठन के बाद सबसे बड़ी बन गई है, जिसमें मौजूदा और नवसृजित 48 ग्राम पंचायतें शामिल की गई हैं।
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श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में नई रीड़ी पंचायत समिति बनाई गई है, जिसमें 32 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
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नोखा और पांचू पंचायत समितियों का पुनर्गठन कर क्रमशः 35 और 31 ग्राम पंचायतों को जोड़ा गया है।
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जसरासर पंचायत समिति का गठन कर 26 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है।
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छतरगढ़ पंचायत समिति पूगल और खाजूवाला क्षेत्र से अलग कर बनाई गई है, जिसमें 29 ग्राम पंचायतें सम्मिलित हैं।
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बीकानेर पंचायत समिति को विभाजित कर बीकानेर ग्रामीण, रूणिया और पेमासर नामक तीन समितियां बनाई गई हैं। बीकानेर ग्रामीण और रूणिया का मुख्यालय बीकानेर शहर में और पेमासर समिति का मुख्यालय ग्राम पेमासर में होगा।
वर्तमान स्थिति
वर्तमान में जिले में 10 पंचायत समितियां और 367 ग्राम पंचायतें हैं, जिनका पुनर्गठन कर नई व्यवस्थाएं तय की गई हैं। प्रारूप पर आपत्तियां लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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