
कैसे हुआ पूरा मामला?
गुन्हेरू बामोरी से पिपरई के बीच ट्रैक पर चढ़ाई है। इसी दौरान एक लोडेड मालगाड़ी का इंजन भार नहीं खींच पाया और बीच रास्ते में बंद हो गया। मालगाड़ी रुकते ही पीछे का रेल यातायात भी ठप हो गया। दोपहर 1:30 बजे पहुंची पैसेंजर ट्रेन को स्टेशन पर रोक दिया गया।
स्टेशन पर पानी की नहीं थी व्यवस्था
ट्रेन रुकते ही यात्री पानी की तलाश में प्लेटफॉर्म पर उतर गए, लेकिन स्टेशन पर पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। नल लगे थे, लेकिन उनमें पानी नहीं था।
कुछ यात्री पानी की बोतल लेकर पटरी पार करके दूसरे प्लेटफॉर्म तक गए, लेकिन वहां भी निराशा मिली। प्लेटफॉर्म नंबर-2 के पास एक हैंडपंप मिला, जिस पर भीड़ लग गई। काफी देर बाद थोड़ा पानी निकला, लेकिन जल्द ही हैंडपंप से गंदा और लाल रंग का पानी आने लगा, जिसे पीना संभव नहीं था।
करीब दो घंटे तक सैकड़ों यात्री गर्मी में प्यास से परेशान रहे।
दूसरा इंजन मंगवाकर ट्रैक साफ किया गया
बाद में रेलवे प्रशासन ने अशोकनगर से दूसरा इंजन मंगवाया। उस इंजन ने मालगाड़ी को पीछे से धक्का देकर पिपरई स्टेशन तक पहुंचाया। ट्रैक साफ होने के बाद दोपहर 3:20 बजे पैसेंजर ट्रेन को रवाना किया गया।
यात्रियों ने उठाए सवाल
यात्रियों का कहना है कि इंजन फेल होना तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन स्टेशन पर साफ पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा का न होना बड़ी लापरवाही है। छोटे स्टेशनों पर सुविधाएं देने के दावों के बीच यह घटना व्यवस्था की पोल खोलती है।
