
क्या हुआ मामला?
-
18 फरवरी 2026 को राजस्थान उपनिवेशन ने आदेश दिया था कि सिंचित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए।
-
बीसलपुर बांध परियोजना और नगर परिषद ने इस आदेश की अनदेखी की।
-
50 कॉलोनियां बिना एनओसी के कट गईं, जो पहले खेत और सिंचित भूमि हुआ करती थीं।
-
टोंक शहर के सवाईमाधोपुर चौराहा से तारण तक, डाइट रोड और बमोर रोड पर ये कॉलोनियां बनी हैं।
प्रमुख समस्या
-
नहरी तंत्र और सिंचाई तंत्र के पास कॉलोनियों का निर्माण हुआ, जिससे फसलों की सिंचाई और खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
-
नगर परिषद और राजस्व विभाग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
-
भू-परिवर्तन करते समय नियमों की अनदेखी की गई, और एक्ट का पालन नहीं हुआ।
किसानों की प्रतिक्रिया
किसानों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है और मांग की है कि सिंचित भूमि को वापस कृषि योग्य बनाया जाए।
निष्कर्ष
बीसलपुर बांध परियोजना और प्रशासन की लापरवाही से हजारों बीघा सिंचित भूमि कॉलोनियों में बदल गई है। अब इसे सुधारने और पुनः कृषि योग्य बनाने की आवश्यकता है।
