इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई एंडरसन-तेंदुलकर टेस्ट सीरीज में भारतीय पेसर मोहम्मद सिराज टीम के लिए मैच विनर साबित हुए। सिराज इस पूरी सीरीज में सभी टेस्ट मैच खेलने वाले इकलौते भारतीय तेज़ गेंदबाज़ रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाज़ी से टीम को अहम मौकों पर विकेट दिलाए और जीत में अहम भूमिका निभाई।
वहीं, दूसरी ओर, जसप्रीत बुमराह केवल तीन टेस्ट मैचों में ही खेल पाए — लीड्स, लॉर्ड्स और मैनचेस्टर। भारत को इन तीनों मैचों में जीत नहीं मिली, जबकि जिन दो टेस्ट मैचों में बुमराह नहीं खेले, वहां टीम इंडिया ने जीत दर्ज की। इस वजह से बुमराह के वर्कलोड मैनेजमेंट और टीम में उनके योगदान को लेकर कई सवाल उठने लगे।
हालांकि, इस तरह की आलोचनाओं पर क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने नाराज़गी जताई है और बुमराह के समर्थन में खुलकर बोले हैं।
सचिन तेंदुलकर ने Reddit पर शेयर किए गए एक वीडियो में बुमराह के आलोचकों को करारा जवाब देते हुए कहा: “मुझे पता है कि लोग कह रहे हैं कि जिन टेस्ट में बुमराह नहीं खेले, उसमें भारत जीता। लेकिन मेरे हिसाब से ये सिर्फ एक इत्तेफाक है।” सचिन ने कहा कि बुमराह ने जब भी खेला है, हमेशा दमदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि बुमराह ने सीरीज के पहले और तीसरे टेस्ट में दो बार पांच विकेट झटके — जो एक बेहतरीन उपलब्धि है।
तेंदुलकर ने आगे कहा: “बुमराह का प्रदर्शन लगातार बेहतरीन रहा है। उन्होंने जब भी गेंदबाज़ी की है, टीम को मैच में बनाए रखा है। वो बिना किसी शक के इस समय दुनिया के टॉप पेसर्स में से एक हैं। मैं उन्हें सबसे टॉप पर रखूंगा।”
तेंदुलकर का मानना है कि आंकड़ों से खिलाड़ियों को जज करना हमेशा सही नहीं होता। क्रिकेट एक टीम गेम है और किसी एक खिलाड़ी की मौजूदगी या गैर-मौजूदगी से नतीजा तय नहीं किया जा सकता।
दूसरी ओर, मोहम्मद सिराज की भी जमकर तारीफ हो रही है। उन्होंने इस सीरीज में शानदार 23 विकेट चटकाए और सभी टेस्ट मैचों में खेले। यहां तक कि कई पूर्व क्रिकेटर्स ने उन्हें “Miyaa Magic” कहकर बुलाया।

