
इस कार्रवाई में लगभग 50 अस्थायी और स्थायी दुकानों को हटाया गया। अतिक्रमणकारियों ने विरोध किया, लेकिन प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई जारी रखी। पहले शासकीय जमीन पर अस्थायी ठेले और टीन शेड से दुकानें बनाई गई थीं, जो बाद में पक्की हो गईं। कई दुकानदारों ने इन दुकानों को टीन, ईंट और सीमेंट से स्थायी रूप से बना लिया था। इससे सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हुआ और यातायात एवं सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ा।
निगम की टीम जेसीबी और अन्य उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कुछ दुकानदारों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई जारी रही।
जोन कमिश्नर प्रवीण शर्मा ने कहा कि यह जमीन शासकीय है और इस पर अवैध कब्जा कर व्यवसाय किया जा रहा था। कई बार मौखिक हिदायत देने के बावजूद जब निर्माण हटाए नहीं गए, तो नगर निगम को कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी शहर के अन्य हिस्सों में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायतों पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
