
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। शाम करीब पांच बजे से ही लोग घाट पर पहुंचने लगे। घाट को रंगोली से सजाया गया था और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। इस दौरान लोगों ने चंबल नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प भी लिया और कहा कि वे नदी में गंदगी नहीं फैलाएंगे और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकेंगे।
जयकारों के साथ हुई महाआरती
केशव घाट पर पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई और मां चर्मण्यवती की महाआरती की गई। शंख ध्वनि और घंटियों की आवाज के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए। आरती के दौरान पूरा घाट धार्मिक माहौल से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने भगवान केशव के जयकारे लगाए।
भजन-कीर्तन से गूंजा घाट
कार्यक्रम में महिला मंडल द्वारा भजन-कीर्तन भी किया गया। ढोल और मंजीरे की धुन पर गणेश वंदना और भगवान केशव की स्तुति के भजन गाए गए। भजन-कीर्तन में कई महिलाएं शामिल हुईं और भक्तिमय माहौल बना।
दीपदान और आतिशबाजी ने बढ़ाई शोभा
महोत्सव के दौरान चर्मण्यवती नदी में दीपदान किया गया, जिससे घाट का दृश्य बेहद सुंदर हो गया। इसके साथ ही रंग-बिरंगी आतिशबाजी भी की गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। आसमान में चमकती आतिशबाजी ने कार्यक्रम की शोभा और बढ़ा दी।
इस पूरे आयोजन में शहर के कई समाजसेवी, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु शामिल हुए और कार्यक्रम को सफल बनाया।
