
श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी सुविधा
ओम बिरला ने कहा कि माँ बीजासन मंदिर हाड़ौती क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। रोप-वे बनने से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें कठिन चढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी और कुछ ही मिनटों में मंदिर तक पहुंच सकेंगे।
उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र अभयारण्य के पास होने के कारण विकास कार्यों में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा गया है। रोप-वे बनने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
बिरला ने कहा कि हाड़ौती क्षेत्र को आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम हो रहा है।
केशवरायपाटन में करीब 42 करोड़ रुपये के विकास कार्य, श्री मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास से क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी। इससे पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सड़क से मजबूत होगी कनेक्टिविटी
62 करोड़ रुपये की लागत से बनी बांसी-देई-खजूरी-करवर-इंद्रगढ़ सड़क से क्षेत्र में आवागमन आसान होगा। ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होने से व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सड़क, पेयजल, सिंचाई और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं विकास की नींव हैं। क्षेत्र में ईआरसीपी, नवनेरा सहित कई पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं पर काम जारी है। साथ ही आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया और विकास कार्यों को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया।
