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बेंगलुरु में फर्जी कॉल सेंटर का बड़ा भंडाफोड़
अमेरिकी नागरिकों को बनाते थे निशाना, साइबर गैंग का पर्दाफाश; कई आरोपी हिरासत में
बेंगलुरु से साइबर क्राइम का बड़ा मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर्स चलाकर अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गैंग का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया और बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी विदेशी नागरिकों को कॉल कर खुद को टेक्निकल सपोर्ट एजेंट, बैंक अधिकारी या सरकारी एजेंसी का कर्मचारी बताते थे। इसके बाद लोगों को डराकर या झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठे जाते थे।
जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर बेहद प्रोफेशनल तरीके से चलाए जा रहे थे। कर्मचारियों को अमेरिकी लहजे में बात करने की ट्रेनिंग दी गई थी और स्क्रिप्ट तैयार कराई जाती थी, ताकि विदेशी नागरिक आसानी से झांसे में आ जाएं।
सूत्रों के अनुसार, साइबर गैंग मुख्य रूप से बुजुर्ग अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाता था। उन्हें कंप्यूटर वायरस, बैंक फ्रॉड या टैक्स समस्या का डर दिखाकर ऑनलाइन पेमेंट करवाए जाते थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कंप्यूटर, लैपटॉप, VOIP सिस्टम, मोबाइल फोन और संदिग्ध वित्तीय दस्तावेज बरामद किए हैं। साइबर एक्सपर्ट्स अब डिजिटल डेटा की जांच कर रहे हैं, ताकि पूरे नेटवर्क और पैसों के ट्रांजेक्शन का पता लगाया जा सके।
पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है और इसके अंतरराष्ट्रीय लिंक भी जांच के दायरे में हैं। कई विदेशी एजेंसियों से भी जानकारी साझा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर भी इस कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है। लोग साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जता रहे हैं और ऑनलाइन फ्रॉड से बचने की सलाह दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराध अब संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का रूप ले चुका है। ऐसे में लोगों को किसी भी अनजान कॉल, लिंक या पेमेंट रिक्वेस्ट को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

