बोधगया (गया), बिहार | 30 मई 2025 — दुनिया भर से बौद्ध धर्म की शिक्षा और आध्यात्मिक अनुभव के लिए प्रसिद्ध बोधगया में दो विदेशी नागरिकों के बीच मारपीट की घटना ने स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। सड़क पर हुई इस बहुचर्चित झड़प का वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सांस्कृतिक नगरी में हिंसक विवाद
जानकारी के अनुसार, एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक ट्रान फुओंग थू और वियतनामी यूट्यूबर गुयेन वान टैम के बीच किसी बात को लेकर गंभीर विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया। यह घटना गुरुवार शाम बोधगया मठ और चिल्ड्रन पार्क चेकपोस्ट के बीच की है।
मारपीट का वीडियो कथित तौर पर वियतनामी यूट्यूबर ने ही रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई नागरिक की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। पीड़ित ने शुक्रवार को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित ने दूतावासों से की शिकायत
मारपीट से आहत ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक ने बताया कि वह बौद्ध धर्म का अध्ययन करने भारत आया था और इस अप्रिय घटना ने उसकी यात्रा पर गहरा असर डाला है। उसने घटना की सूचना भारत स्थित ऑस्ट्रेलिया और वियतनाम दूतावासों को भी दी है।
पीड़ित का कहना है कि भारत एक आध्यात्मिक और सुरक्षित स्थल के रूप में विश्वभर में विख्यात है और इस तरह की घटनाएं महाबोधि मंदिर जैसे प्रतिष्ठित स्थल की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
पुलिस कर रही है जांच
स्थानीय थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि की है और बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने कराया बीच-बचाव
घटना के वक्त मौजूद राहगीरों ने बताया कि दोनों विदेशी पर्यटकों के बीच गहमागहमी बढ़ती देख वे हस्तक्षेप के लिए आगे आए और किसी तरह दोनों को शांत किया गया। पुलिस के मुताबिक, लड़ाई के पीछे व्यक्तिगत मतभेद या वीडियो रिकॉर्डिंग से जुड़ा विवाद हो सकता है।
आध्यात्मिक स्थल पर असहज माहौल
बोधगया में इस तरह की अप्रत्याशित घटना ने स्थानीय लोगों और टूरिज्म इंडस्ट्री को चिंतित कर दिया है। शहर में इस समय बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक मौजूद हैं और यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
निष्कर्ष: कूटनीतिक और प्रशासनिक नजरें तैनात
अब देखना होगा कि स्थानीय प्रशासन और विदेशी दूतावास मिलकर इस मामले को किस दिशा में ले जाते हैं। फिलहाल यह साफ है कि भारत की सांस्कृतिक छवि को बनाए रखने के लिए ऐसी घटनाओं पर संवेदनशील और निष्पक्ष प्रतिक्रिया की जरूरत है।

