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ब्यूटी-पर्सनल केयर बाजार 2030 तक 3.8 लाख करोड़ का होगा:परफ्यूम ने डिओडोरेंट को पीछे छोड़ा; बॉडी वॉश की ग्रोथ भी साबुन से ज्यादा

2030 तक ₹3.8 लाख करोड़ का हो सकता है ब्यूटी-पर्सनल केयर बाजार

भारत में ब्यूटी और पर्सनल केयर बाजार तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि 2030 तक यह बाजार करीब ₹3.8 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ती आय, ऑनलाइन शॉपिंग और युवाओं में ग्रूमिंग को लेकर बढ़ती जागरूकता इस ग्रोथ की बड़ी वजह मानी जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, परफ्यूम सेगमेंट ने डिओडोरेंट को पीछे छोड़ दिया है। लोग अब सिर्फ रोजमर्रा की खुशबू के लिए नहीं, बल्कि प्रीमियम और पर्सनल स्टाइल के तौर पर परफ्यूम को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

बॉडी वॉश की ग्रोथ भी साबुन के मुकाबले ज्यादा देखी जा रही है। शहरी ग्राहकों में स्किन केयर, फ्रेगरेंस और प्रीमियम पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और नए घरेलू ब्रांड्स ने भी इस बाजार को बढ़ावा दिया है। छोटे शहरों और टियर-2, टियर-3 मार्केट्स में भी ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ रही है।

कंपनियां अब नेचुरल, ऑर्गेनिक, जेंडर-न्यूट्रल और प्रीमियम कैटेगरी के प्रोडक्ट्स पर ज्यादा फोकस कर रही हैं। आने वाले वर्षों में यह सेक्टर भारत के सबसे तेजी से बढ़ते कंज्यूमर मार्केट्स में शामिल हो सकता है।

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