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ब्रोंको टेस्ट को लेकर मचा बवाल, मनोज तिवारी बोले – रोहित शर्मा को रिटायरमेंट के लिए मजबूर किया जा रहा है

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने हाल ही में एक नया फिटनेस टेस्ट शुरू किया है, जिसका नाम है ब्रोंको टेस्ट। यह टेस्ट खासतौर पर तेज गेंदबाजों की फिटनेस को परखने के लिए लाया गया है, लेकिन इसको लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारत के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने इस टेस्ट पर सवाल उठाए हैं और दावा किया है कि यह टेस्ट रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों को खुद ही संन्यास लेने के लिए मजबूर करने के लिए लाया गया है।

तिवारी ने क्रिकेट वेबसाइट क्रिक ट्रैकर से बातचीत में कहा –

 “ब्रोंको टेस्ट का असली मकसद यह है कि कुछ खिलाड़ी, खासकर रोहित शर्मा जैसे, खुद को फिट नहीं पा सकें और फिर खुद ही वनडे क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दें।”

उन्होंने यह भी कहा कि भले ही विराट कोहली को 2027 वर्ल्ड कप से बाहर करना मुश्किल है, लेकिन रोहित शर्मा को लेकर संदेह है कि क्या उन्हें उस वर्ल्ड कप की योजना में रखा जाएगा।

तिवारी ने सवाल किया –“ब्रोंको टेस्ट कौन लेकर आया, इसका मुझे पता नहीं है। लेकिन इस टेस्ट को पास करना रोहित शर्मा के लिए आसान नहीं होगा।”

ब्रोंको टेस्ट एक फिटनेस चेक है जो दौड़ने के आधार पर खिलाड़ियों की स्टैमिना, मानसिक ताकत और दिल की धड़कन को नियंत्रित करने की क्षमता को जांचता है।

इस टेस्ट में खिलाड़ी को:

मनोज तिवारी के मुताबिक, यह टेस्ट भले ही तेज गेंदबाजों के लिए लाया गया हो, लेकिन इसका असर टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ब्रोंको टेस्ट का मकसद कुछ खास खिलाड़ियों को हटाना हो सकता है।

अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या रोहित शर्मा, जो इस समय टीम इंडिया के कप्तान हैं, इस टेस्ट में पास हो पाएंगे? अगर नहीं, तो क्या वे जल्द ही वनडे से रिटायरमेंट ले लेंगे?

फिलहाल बीसीसीआई ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में रोहित शर्मा और अन्य वरिष्ठ खिलाड़ी इस नए टेस्ट पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं.

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