
महोत्सव का समापन शानदार गजरथ फेरी के साथ हुआ। इस रथ यात्रा में आचार्य निर्भय सागर महाराज और उनके साथ 11 मुनिराज शामिल हुए। इस गजरथ फेरी में पांच रथों ने विशेष आकर्षण पैदा किया। रास्ते में केसरिया ध्वजाएं शांति और भाईचारे का संदेश दे रही थीं। युवाओं ने जय अरिहंत और जय जिनेंद्र के नारों से माहौल को पूरी तरह भक्ति में रंग दिया।
आचार्य निर्भय सागर महाराज का संदेश
उन्होंने कहा कि यह पंचकल्याणक महोत्सव ऐतिहासिक रहा। जब व्यक्ति में परमात्मा के प्रति आस्था और मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो हर कार्य सफल होता है। उन्होंने यह भी बताया कि तीर्थंकर का मोक्ष कल्याणक जीवन में एक बार होता है और हमें अहिंसा का मार्ग अपनाना चाहिए।
प्रमुख लोग रहे मौजूद
मीडिया प्रमुख मनोज जैन लालो ने बताया कि इस आयोजन में कई गणमान्य लोग शामिल हुए, जिनमें पूर्व विधायक सुनील जैन, वर्तमान विधायक प्रदीप लारिया, सरपंच रुद्र प्रताप सिंह, अभिराज सिंह राजपूत और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
यह महोत्सव न सिर्फ धार्मिक आयोजन था, बल्कि सामाजिक एकता और अहिंसा के संदेश के साथ लोगों को जोड़ने वाला भी रहा।
