
विवाद कैसे शुरू हुआ?
छोटू सिंह रावणा के अनुसार, यह विवाद एक सोशल मीडिया कमेंट से शुरू हुआ।
उन्होंने एक कैंसर से पीड़ित बच्चे के वीडियो पर लिखा था कि:
“काश बेटा आप रील स्टार होते तो सारे नेता आपके पास होते।”
आरोप है कि इस कमेंट से नाराज होकर विधायक ने उन्हें फोन किया।
FIR में क्या आरोप लगाए गए?
- छोटू सिंह का कहना है कि 27 मार्च 2026 को रात में उन्हें फोन आया
- आरोप है कि फोन पर धमकी दी गई: “इस बार तू नहीं बचेगा”
- इसके बाद से वे और उनका परिवार डर में हैं
और क्या-क्या हुआ?
शिकायत के अनुसार:
- 28 मार्च को एक विदेशी नंबर से कॉल और मैसेज आए, जिसमें गोली मारने की धमकी दी गई
- 31 मार्च को उनके और उनके भाई को गालियां और जान से मारने के मैसेज मिले
- कुछ अपमानजनक शब्द भी बोले गए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा
जांच कौन कर रहा है?
मामले की गंभीरता और विधायक के शामिल होने के कारण जांच CID-CB को सौंप दी गई है।
कुछ लोगों ने निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की भी मांग की है।
किन धाराओं में केस दर्ज हुआ?
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और IT एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।
BNS धारा 351 (आपराधिक धमकी)
- 351(3): जान से मारने या गंभीर चोट की धमकी
👉 सजा: 7 साल तक जेल या जुर्माना - 351(4): छिपकर या अज्ञात तरीके से धमकी देना (जैसे फर्जी नंबर)
👉 सजा: अतिरिक्त 2 साल तक
IT एक्ट की धाराएं
- 66C: पहचान की चोरी
- 66D: ऑनलाइन धोखाधड़ी
- 67: आपत्तिजनक या अश्लील कंटेंट फैलाना
इन धाराओं का मतलब इस केस में
- जान से मारने की धमकी → 351(3)
- विदेशी/अज्ञात नंबर से कॉल → 351(4)
- कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया सबूत → IT एक्ट के तहत जांच
कुल मिलाकर
एक छोटे से सोशल मीडिया कमेंट से शुरू हुआ यह मामला अब बड़ा विवाद बन गया है।
- एक पक्ष इसे गंभीर धमकी का मामला बता रहा है
- वहीं दूसरा पक्ष इसे राजनीतिक साजिश कह रहा है
अब आगे की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।
