भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में रविवार को भारत की पहली विश्व एथलेटिक्स महाद्वीपीय टूर (ब्रॉन्ज लेवल) प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस एक दिवसीय इवेंट में 15 से अधिक देशों के 150 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कुल 25,000 डॉलर की इनामी राशि वाली इस प्रतियोगिता में भारत के कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीते और दर्शकों की उम्मीदों पर खरे उतरे।
भारत के युवा स्टार धावक अनिमेष कुजूर ने 200 मीटर दौड़ में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। दिन की शुरुआत में उन्होंने 100 मीटर हीट रेस में कुछ ही कदम दौड़ने के बाद रुक गए, लेकिन कुछ देर बाद उन्होंने 200 मीटर की हीट रेस में हिस्सा लिया और 20.99 सेकंड का समय लेकर फाइनल में जगह बनाई।
शाम के फाइनल में कुजूर ने अपनी रफ्तार दिखाते हुए 20.77 सेकंड में फिनिश लाइन पार की और पहला स्थान हासिल किया। कोरिया के को सेउंघवान 20.95 सेकंड के समय के साथ दूसरे और भारत के रागुल कुमार 21.17 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
गौरतलब है कि कुजूर 100 मीटर (10.18 सेकंड) और 200 मीटर (20.32 सेकंड) दोनों में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं।
लंबी कूद के दिग्गज खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर का मुकाबला 17 वर्षीय उभरते खिलाड़ी शाहनवाज खान से था। शाहनवाज ने चौथे प्रयास में 8.04 मीटर की शानदार छलांग लगाकर बढ़त बना ली थी, लेकिन श्रीशंकर ने अंतिम प्रयास में 8.13 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। यह उनकी चोट से वापसी के बाद लगातार चौथी जीत है, हालांकि वे विश्व चैंपियनशिप के लिए जरूरी 8.27 मीटर के क्वालीफिकेशन मार्क को हासिल नहीं कर पाए।
महिलाओं की भाला फेंक स्पर्धा में एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अन्नू रानी ने 62.01 मीटर का थ्रो कर पहला स्थान हासिल किया। यह थ्रो उनके चौथे प्रयास में आया। 64 मीटर का स्वत: क्वालीफिकेशन मार्क वह पार नहीं कर पाईं, लेकिन ‘रोड टू टोक्यो’ रैंकिंग में 30वें स्थान पर होने के कारण उनके विश्व चैंपियनशिप में क्वालीफाई करने की संभावना मजबूत हो गई है। अन्नू का राष्ट्रीय रिकॉर्ड 63.22 मीटर है, जो उन्होंने 2022 में बनाया था।
पुरुषों की भाला फेंक में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। श्रीलंका के रोमेश थरंगा पथिरागे ने पहले ही प्रयास में 86.50 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीत लिया और विश्व चैंपियनशिप के स्वत: क्वालीफिकेशन मार्क (85.50 मीटर) को भी पार कर लिया।
भारत के शिवम लोहकरे ने 80.73 मीटर के साथ रजत और श्रीलंका के सुमेधा रणसिंघ ने 80.65 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। भारत के रोहित यादव (80.35 मीटर) चौथे और सचिन यादव (79.80 मीटर) पांचवें स्थान पर रहे।
अन्य प्रतियोगिताएं
महिलाओं की लंबी कूद में भारत की शैली सिंह ने 6.28 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता।
पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में भारतीय टीम (टी. संतोष कुमार, विशाल टी.के., अमोज जैकब और धर्मवीर चौधरी) 3:08.37 समय के साथ दूसरे स्थान पर रही। पहला स्थान श्रीलंका (3:08.22) को मिला।
पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में मलेशिया के मुहम्मद अजीम बिन ने 10.35 सेकंड के समय के साथ खिताब जीता।
महिलाओं की 100 मीटर दौड़ में अभिषया राजराजन ने 11.57 सेकंड का समय लेते हुए स्वर्ण पदक जीता।
भारत की पहली विश्व महाद्वीपीय टूर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भारतीय एथलीटों ने दमदार प्रदर्शन किया, खासकर अन्नू रानी, अनिमेष कुजूर और मुरली श्रीशंकर ने स्वर्ण जीतकर देश का नाम रोशन किया। हालांकि कुछ इवेंट्स में विदेशी खिलाड़ियों ने बढ़त बनाई, लेकिन यह प्रतियोगिता भारतीय खेलों के लिए एक अहम कदम साबित हुई।

