रावलपिंडी (पाकिस्तान): भारत द्वारा की गई निर्णायक सैन्य कार्रवाई के बाद भी पाकिस्तान की जमीनी हकीकत में कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है। ताजा घटनाक्रम में, जनरल सैयद आसिम मुनीर, जिन्हें हाल ही में फील्ड मार्शल की उपाधि दी गई है, ने रावलपिंडी में एक भव्य डिनर पार्टी का आयोजन किया। इस पार्टी में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत तमाम शीर्ष राजनीतिक और सैन्य अधिकारी शामिल हुए।
पाकिस्तानी सत्ता का शक्ति प्रदर्शन
इस डिनर में शहबाज सरकार के लगभग सभी केंद्रीय मंत्री, नेशनल असेंबली के स्पीकर, चारों प्रांतों के मुख्यमंत्री और डिप्टी पीएम भी मौजूद रहे। सेना, वायुसेना और नौसेना के प्रमुखों की उपस्थिति ने इसे पाकिस्तान के भीतर एक राजनीतिक-सैन्य शक्ति प्रदर्शन का रूप दे दिया।
डिनर से ज्यादा चर्चा में रहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’
सूत्रों के अनुसार, इस डिनर में खानपान से अधिक चर्चा का विषय था भारत का ऑपरेशन सिंदूर, जिसने पाकिस्तान की सैन्य संरचना को हिला कर रख दिया। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने माना कि भारत के हालिया कदमों से पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, बावजूद इसके पार्टी के माहौल में आसिम मुनीर की तारीफों के पुल बांधे गए।
चार दिनों में ढेर हुआ पाकिस्तान, फिर भी जश्न
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि भारत की सैन्य कार्रवाई के महज चार दिन बाद ही पाकिस्तान पूरी तरह झुक गया। इसके बावजूद पाकिस्तान के भीतर फील्ड मार्शल मुनीर को एक विजेता के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है, जो वास्तविकता से पूरी तरह अलग प्रतीत होता है।
आसिम मुनीर की भड़काऊ भाषणबाजी—हर पंक्ति में भारत का नाम
जब मुनीर ने मंच संभाला तो उनके भाषण में हर कुछ पंक्तियों में भारत का नाम गूंजता रहा। यह संकेत देता है कि शायद पाकिस्तान के भीतर कोई नया रणनीतिक कदम उठाने की तैयारी चल रही है।
23 जून की तारीख से डरा पाकिस्तान, जनता में बेचैनी
पाकिस्तान में इस वक्त एक अजीब सा डर फैल गया है—विशेषकर 23 जून को लेकर। सोशल मीडिया पर लोग खुलकर चिंता जता रहे हैं कि कहीं यह दिन किसी बड़ी सैन्य हलचल का संकेत तो नहीं। भारत की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पाकिस्तान की जनता कैमरे पर भावुक होकर संभावित युद्ध की आशंका जता रही है।

