भारतऔर इंग्लैंड के बीच खेली गई 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसे टीम इंडिया ने 6 रन से जीत लिया। इसके साथ ही सीरीज 2-2 की बराबरी पर खत्म हुई। लेकिन इस टेस्ट मैच से पहले एक विवाद ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और द ओवल के पिच क्यूरेटर ली फोर्टिस के बीच पिच को लेकर जबरदस्त बहस हो गई थी।
इस बहस के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे, जिसमें गंभीर क्यूरेटर पर गुस्सा करते हुए नज़र आ रहे थे। उन्होंने उंगली दिखाकर साफ शब्दों में कहा था – “हमें मत बताओ कि क्या करना है।”
मैच से पहले भारतीय टीम की रणनीति तय करने के लिए हेड कोच गंभीर पिच का जायजा लेने पहुंचे थे। तभी पिच क्यूरेटर ली फोर्टिस ने उन्हें वहां से हटने के लिए कहा। इस बात पर गौतम गंभीर को गुस्सा आ गया, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक किसी भी टीम के कप्तान और हेड कोच को पिच देखने की अनुमति होती है, जब तक वह पिच को कोई नुकसान न पहुंचा रहे हों। टीम इंडिया के बल्लेबाज़ी कोच सितांशु कोटक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इस बात की पुष्टि की थी कि गंभीर ने कोई स्पाइक नहीं पहना था और न ही पिच को छुआ था, फिर भी उन्हें हटने के लिए कहा गया।
मैच के एक हफ्ते बाद पिच क्यूरेटर ली फोर्टिस ने इस बहस पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद उन्हें भारतीय फैंस और क्रिकेटर्स के सामने “विलेन” बना दिया गया।
ली फोर्टिस ने पीटीआई से बातचीत में कहा: “मैं कोई विलेन नहीं था, लेकिन मुझे ऐसा बना दिया गया। उम्मीद है कि आपने मैच का मजा लिया होगा, माहौल पूरी तरह IPL जैसा था। यह मुकाबला शानदार रहा।” गौर करने वाली बात ये है कि टीम इंडिया ने इस पूरे विवाद को तूल नहीं दिया और मैदान पर फोकस रखा। मैच के दौरान दोनों टीमों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। भारत की जीत में गेंदबाजों का अहम योगदान रहा और टीम ने इस टेस्ट को 6 रन से जीतकर इतिहास रच दिया।

