नई दिल्ली:
भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर कानूनी समीक्षा का कार्य तेज़ी से चल रहा है और यह समझौता जुलाई के अंत तक हस्ताक्षरित हो सकता है। इस प्रक्रिया को गति देने के लिए भारत के वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल अपनी टीम के साथ लंदन पहुंचे हैं।
बर्थवाल अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान UK के व्यापार और उद्योग मामलों के सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स सहित अन्य वरिष्ठ ब्रिटिश अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
दोनों देशों ने 6 मई को इस ऐतिहासिक समझौते की वार्ताएं पूरी होने की घोषणा की थी। समझौते के तहत चमड़ा, जूते और कपड़े जैसे श्रम-प्रधान भारतीय उत्पादों पर ब्रिटिश बाजार में टैक्स हटेंगे, जबकि ब्रिटिश व्हिस्की और कारें भारत में सस्ती होंगी। इसका उद्देश्य 2030 तक आपसी व्यापार को 120 अरब डॉलर तक दोगुना करना है।
यह समझौता दुनिया की पांचवीं और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीब तीन वर्षों की रुक-रुक कर चलती रही वार्ताओं के बाद हुआ है।
आगे क्या?
एक अधिकारी के अनुसार:
“संभवतः जुलाई के अंत तक समझौता साइन हो जाएगा। भारत की कानूनी टीम लंदन में ही है और टेक्स्ट की समीक्षा कर रही है। समझौते के साइन होने के बाद, उसका पूरा ड्राफ्ट सार्वजनिक किया जाएगा।”
हस्ताक्षर के बाद, इस समझौते को लागू होने से पहले ब्रिटिश संसद और भारत की कैबिनेट की मंज़ूरी लेनी होगी। पूरी प्रक्रिया को लागू होने में लगभग एक वर्ष लग सकता है।
हाल की गतिविधियां
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी इसी महीने लंदन दौरे पर थे, जहां उन्होंने जॉनाथन रेनॉल्ड्स से FTA के अमल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UK के नए प्रधानमंत्री कीर स्टारमर को भारत आने का आमंत्रण भी दिया है।

