
बताया जा रहा है कि घटना के समय महावीर सिंह अपने कमरे में थे और उनकी पत्नी रसोई में चाय बना रही थीं। तभी अचानक गोली चलने की आवाज आई। आवाज सुनकर जब उनकी पत्नी कमरे में पहुंचीं तो महावीर सिंह लहूलुहान हालत में पड़े थे। यह दृश्य देखकर वह घबरा गईं और घर में चीख-पुकार मच गई। कुछ ही देर में आसपास के लोग भी वहां पहुंच गए।
महावीर सिंह राठौड़ का स्वभाव मिलनसार बताया जाता है। उनके पिता अर्जुन सिंह भी पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक के पद पर कार्य कर चुके थे। महावीर सिंह को हाल ही में हेड कांस्टेबल से प्रमोशन देकर एएसआई बनाया गया था और उनकी नई पोस्टिंग कोतवाली थाने में हुई थी।
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव और एएसपी पारस जैन मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद उसे उनके पैतृक गांव बरडोद भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना की जांच के लिए विभागीय कमेटी बनाई गई है। जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि गोली किन परिस्थितियों में चली। फिलहाल इस घटना से परिवार और पुलिस विभाग में गहरा दुख और शोक का माहौल है।
