
जानकारी के अनुसार, उदयपुर निवासी सूरज कंवर अपने परिवार के साथ कथा सुनने आई थीं। दोपहर में कथा के दौरान अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों और आयोजकों ने तुरंत उन्हें वहां बने अस्थायी मेडिकल कैंप में पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
प्राथमिक जांच के बाद हालत गंभीर देखते हुए उन्हें तुरंत महात्मा गांधी अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने जांच और ईसीजी करने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन उनका पार्थिव शरीर लेकर उदयपुर रवाना हो गए।
पंडित प्रदीप मिश्रा का बयान
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि कथा भगवान की इच्छा से ही होती है। उन्होंने बताया कि इस कथा का आयोजन संकटमोचन हनुमानजी महाराज के आशीर्वाद से हो रहा है। उनका कहना है कि जब भगवान की कृपा होती है, तभी कोई व्यक्ति कथा सुनने पहुंच पाता है।
