
क्यों जरूरत पड़ी ऐसे ओल्ड एज होम की?
आज के समय में कई बुजुर्ग ऐसे हैं जिनके बच्चे नौकरी या पढ़ाई के कारण बड़े शहरों या विदेश में रहते हैं। ऐसे में माता-पिता अकेले रह जाते हैं। आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद उन्हें देखभाल, स्वास्थ्य और सामाजिक माहौल की कमी महसूस होती है। इसी जरूरत को देखते हुए भोपाल में यह पेड ओल्ड एज होम शुरू किया गया है।
कहां स्थित है ‘संध्या छाया’?
यह ओल्ड एज होम पत्रकार कॉलोनी, लिंक रोड नंबर-3, भोपाल में स्थित है। यह 5 एकड़ से ज्यादा जमीन में बनाया गया है।
रहने की सुविधाएं
‘संध्या छाया’ में कुल 34 कमरे हैं, जिनमें 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था है।
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12 सिंगल बेड रूम
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22 डबल बेड रूम
हर कमरे में ये सुविधाएं मिलेंगी:
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एसी कमरे
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टीवी, फ्रिज
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गर्म और ठंडा पानी
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निजी बालकनी
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अटैच बाथरूम
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कॉल बेल, इंटरकॉम और टेलीफोन
स्वास्थ्य और सुरक्षा की व्यवस्था
यहां बुजुर्गों के लिए डॉक्टर की सलाह, फिजियोथेरपी सेंटर और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
मनोरंजन और अन्य सुविधाएं
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लाइब्रेरी
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ओपन मेस और डाइनिंग हॉल
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बुजुर्गों के लिए खास डिजाइन किया गया वॉकिंग पाथ
कितना देना होगा किराया?
कमरे के आकार के हिसाब से मासिक शुल्क तय किया गया है:
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डबल बेड (60 वर्ग मीटर): ₹39,490
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डबल बेड (90 वर्ग मीटर): ₹43,490
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डबल बेड (56.5 वर्ग मीटर): ₹38,490
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सिंगल बेड (49.2 वर्ग मीटर): ₹49,990
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सिंगल बेड (35 वर्ग मीटर): ₹47,990
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सिंगल बेड (33.5 वर्ग मीटर): ₹45,990
संचालन और भविष्य की योजना
इस ओल्ड एज होम का संचालन सेवा भारती मध्य भारत को दो साल के लिए सौंपा गया है।
प्रदेश में पहले से ही सामाजिक न्याय विभाग द्वारा 83 निशुल्क वृद्धाश्रम चलाए जा रहे हैं, जहां करीब 2300 बुजुर्ग रह रहे हैं। उनके लिए रहने, खाने और इलाज की सुविधा मुफ्त है।
आर्थिक रूप से सक्षम बुजुर्गों के लिए ‘संध्या छाया’ एक नई और अनोखी पहल है। सरकार भविष्य में पीपीपी मॉडल पर ऐसे और पेड ओल्ड एज होम शुरू करने की योजना बना रही है।
