
अब भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) ने किसानों की दो बड़ी मांगें मान ली हैं:
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विकास शुल्क में छूट
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अपनी ही जमीन पर प्लॉट मिलने की शर्त
क्या है योजना?
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मिसरोद से जाटखेड़ी, बगली, कटारा और बर्रई तक विकास होगा।
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मुख्य सड़क के दोनों ओर 300-300 मीटर की जमीन को विकसित किया जाएगा।
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प्रोजेक्ट में 550 एकड़ जमीन पर कॉलोनियां या मल्टी बनाई जाएंगी।
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600 किसानों को उनकी जमीन के बदले में 225 एकड़ विकसित प्लॉट मिलेंगे।
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बीडीए द्वारा सड़क के साथ-साथ पानी, सीवेज और अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
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बर्रई से अयोध्या बायपास तक भी रास्ता निकलेगा।
लैंड पुलिंग एक्ट में बदलाव
किसानों को राहत देने के लिए लैंड पुलिंग एक्ट में इंक्रीमेंटल फैक्टर को घटाया गया है, जिससे उन्हें विकास शुल्क से मुक्ति मिल सके।
बीडीए के अधीक्षण यंत्री अरविंद मंडराई के मुताबिक, काम शुरू होने से मिसरोद और आसपास के इलाकों में तेजी से विकास होगा।
