
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में बीते 48 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। इस मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। नदी-नालों में जबरदस्त उफान आया है, जिससे कई सड़कें बह गई हैं और गांवों से संपर्क टूट गया है।
तवा और माचना नदी में आई बाढ़
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घोड़ा डोंगरी इलाके में 24 घंटे में 5.5 इंच बारिश हुई है।
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तवा नदी में बाढ़ के कारण सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोलने पड़े।
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माचना नदी में भी पानी बढ़ने से विवेकानंद वार्ड का माचना डैम पहली बार ओवरफ्लो हो गया।
शोभापुर में सड़क बह गई
सारनी के शोभापुर इलाके में नाले में बाढ़ आने से एक बड़ी सड़क और उसकी रिटर्निंग वॉल बह गई। यह सड़क कुछ महीने पहले ही बनी थी। यहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है।
भड़ंगा नदी में उफान से बस सेवा ठप
भौंरा-चोपना मार्ग पर भड़ंगा नदी के उफान पर आने से वहां से गुजरने वाली बसें बंद हो गई हैं। इससे चोपना क्षेत्र के यात्रियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। कई लोग मजबूरी में शाहपुर होकर यात्रा कर रहे हैं।
कई गांवों का संपर्क टूटा
लगातार बारिश से धपाड़ा, सातलदेही और पूंजी जैसे गांवों का संपर्क बाकी इलाकों से कट गया है। लोहार नदी भी उफान पर है। ढोडरामहू-भौंरा के बीच चलने वाली बसें भी बंद हैं।
डैम में पानी बढ़ने से पेयजल आपूर्ति सुधरी
बारिश से माचना डैम में पानी भर गया है। पहले यह डैम सूख गया था और दो-दो दिन पर पानी सप्लाई हो रही थी, लेकिन अब पानी की स्थिति बेहतर होने से एक दिन छोड़कर सप्लाई की जाएगी।
पेड़ों के गिरने की घटनाएं बढ़ीं
बारिश के दौरान शहर में पेड़ गिरने की कई घटनाएं हुईं:
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एमएलबी स्कूल के पास पेड़ गिरने से स्कूल की दीवार टूटी और बिजली के तार जमीन पर गिर गए।
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हमलापुर के डिपो रोड पर पेड़ गिरने से एक कार को नुकसान पहुंचा।
निष्कर्ष:
बैतूल जिले में भारी बारिश से कई सड़कें बह गई हैं, गांवों से संपर्क टूट गया है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन लगातार बारिश से हालात और भी खराब हो सकते हैं। लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
