
1. एकलिंगजी मंदिर, उदयपुर
उदयपुर का एकलिंगजी मंदिर मेवाड़ राजघराने के आराध्य देव के रूप में प्रसिद्ध है। यहां भगवान शिव चार मुख वाले शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से दर्शन करने पर मनोकामनाएं पूरी होती हैं। महाशिवरात्रि पर विशेष सजावट और रात्रि जागरण किया जाता है।
2. अचलेश्वर महादेव मंदिर, माउंट आबू
अरावली की पहाड़ियों में स्थित यह मंदिर अपनी अनोखी मान्यताओं के लिए जाना जाता है। यहां शिवलिंग के बजाय भगवान शिव के अंगूठे की पूजा होती है। मान्यता है कि शिवजी ने इसी अंगूठे से माउंट आबू पर्वत को संभाल रखा है।
3. परशुराम महादेव मंदिर, पाली
यह मंदिर पहाड़ों के बीच एक गुफा में स्थित है। कहा जाता है कि भगवान परशुराम ने यहां तपस्या की थी। मंदिर तक पहुंचने के लिए सैकड़ों सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। इसे “राजस्थान का अमरनाथ” भी कहा जाता है।
4. घुश्मेश्वर महादेव मंदिर, सवाई माधोपुर
यह प्राचीन शिव मंदिर अपनी पौराणिक कथा के कारण प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर विशेष फल मिलता है। इसे घृष्णेश्वर या घुसृणेश्वर नाम से भी जाना जाता है।
5. बेणेश्वर शिव मंदिर, डूंगरपुर
यह मंदिर माही, सोम और जाखम नदियों के त्रिवेणी संगम पर स्थित है। यह आदिवासी समुदाय की आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां हर साल बड़ा मेला लगता है। महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए दूर-दूर से आते हैं। यहां का मुख्य आकर्षण स्वयंभू शिवलिंग है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर आप भी इन प्रसिद्ध शिव मंदिरों में दर्शन की योजना बना सकते हैं।
