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महिला एथलीट्स के लिए नया जेंडर टेस्ट जरूरी – नहीं तो वर्ल्ड चैंपियनशिप में नहीं मिल पाएगा मौका

वर्ल्ड एथलेटिक्स (World Athletics) ने महिला खिलाड़ियों के लिए नया नियम लागू किया है। अब अगर कोई महिला खिलाड़ी वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप जैसे बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लेना चाहती है, तो उसे SRY जीन टेस्ट कराना जरूरी होगा। अगर खिलाड़ी यह टेस्ट नहीं करवाती, तो उसे टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

SRY (Sex-determining Region Y) जीन टेस्ट एक मेडिकल जांच होती है, जिससे यह पता लगाया जाता है कि किसी व्यक्ति के शरीर में पुरुष हार्मोन या जीन मौजूद हैं या नहीं। इसका मकसद यह तय करना होता है कि कोई एथलीट बायोलॉजिकल तौर पर महिला है या नहीं। कुछ सालों से ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हुई है जहां कुछ महिला खिलाड़ियों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन (पुरुष हार्मोन) का स्तर ज्यादा पाया गया। इससे बाकी महिला एथलीट्स को मुकाबले में नुकसान हो सकता है। इसलिए वर्ल्ड एथलेटिक्स ने तय किया है कि निष्पक्ष खेल सुनिश्चित करने के लिए यह टेस्ट जरूरी होगा।

यह नियम वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 से लागू होगा। यानी जो भी महिला एथलीट इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेना चाहती है, उसे पहले यह टेस्ट पास करना होगा।

कुछ लोगों का मानना है कि यह टेस्ट महिला खिलाड़ियों की प्राइवेसी और आत्म-सम्मान पर सवाल उठाता है। वहीं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह नियम खेलों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी है।

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