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मायरा योजना: सरस डेयरी का अनोखा भात, बेटियों की शादी में मिलते हैं 21 हजार रुपये

दौसा जिले के महुवा क्षेत्र के ग्राम पाटोली में जयपुर सरस डेयरी की एक सराहनीय पहल देखने को मिली। दुग्ध उत्पादक नरेंद्र गुर्जर की बेटी की शादी के मौके पर जयपुर सरस डेयरी संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश पूनिया सहित कई पदाधिकारी गांव पहुंचे। उन्होंने पारंपरिक भात की रस्म निभाते हुए परिवार को मायरा भरा और आर्थिक सहयोग दिया। इस अवसर पर पूरे गांव में खुशी का माहौल रहा।


सरस डेयरी का उद्देश्य सिर्फ दूध तक सीमित नहीं

अध्यक्ष ओमप्रकाश पूनिया ने बताया कि जयपुर सरस डेयरी राजस्थान की सफल डेयरियों में से एक है और पिछले 10 वर्षों से लगातार लाभ में है। डेयरी का उद्देश्य केवल दूध संग्रह और बिक्री नहीं, बल्कि पशुपालकों और उनके परिवारों के सामाजिक जीवन में सहयोग करना भी है। इसी सोच के तहत मायरा योजना शुरू की गई है।


मायरा योजना का मकसद

ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों की शादी परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ डालती है। मायरा योजना के जरिए सरस डेयरी इस बोझ को कम करने में मदद कर रही है। इससे पशुपालकों का डेयरी पर भरोसा और जुड़ाव भी मजबूत हुआ है।


कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

इस कार्यक्रम में रामचरण गुर्जर रलावता, गंगाराम चौधरी, रामनारायण शर्मा, रमेश फुलरिया, रामअवतार मीना सांथा, लोकेश पीपलखेड़ा, सुमंत टुड़ियाना, राधे पाटोली सहित कई पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की खुलकर सराहना की।


मायरा योजना की पूरी जानकारी

  • योजना 5 अप्रैल 2025 से लागू

  • डेयरी बूथ पर लगातार 5 साल दूध देने वाले पशुपालक पात्र

  • पात्र पशुपालकों की अधिकतम दो बेटियों की शादी पर लाभ

  • शादी के समय 21,000 रुपये भात (मायरा) के रूप में दिए जाते हैं

यह योजना ग्रामीण पशुपालकों के लिए आर्थिक सहारा बनने के साथ-साथ सामाजिक सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है।

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