
‘माही भाई ने मुझसे कहा था…’
दुबे ने बताया कि जब वे आईपीएल में आए थे, तब शॉर्ट बॉल के सामने उन्हें दिक्कत होती थी। वे उस गेंद को साफ तरीके से हिट नहीं कर पाते थे।
उन्होंने कहा कि अगर इस स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करना है तो अपनी कमजोरी पर काम करना जरूरी है। इसलिए उन्होंने ऑफ सीजन में शॉर्ट बॉल पर खास मेहनत की।
दुबे ने बताया कि एमएस धोनी ने उनसे कहा था कि हर शॉर्ट बॉल पर छक्का मारना जरूरी नहीं है। जरूरत के अनुसार बाउंड्री या सिंगल भी लिया जा सकता है। यही बात उनके दिमाग में हमेशा रहती है, खासकर पारी की शुरुआत में।
प्लेयर ऑफ द मैच बनकर कही ये बात
प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड लेते समय दुबे ने कहा कि उन्हें छक्के मारना पसंद है, लेकिन हालात के हिसाब से खेलना ज्यादा जरूरी है।
उन्होंने बताया कि गेंदबाज उन्हें यॉर्कर या लेंथ बॉल कम डालते हैं और ज्यादातर शॉर्ट या स्लोअर बॉल फेंकते हैं। इसलिए वे पहले से ही ऐसी गेंदों के लिए तैयार रहते हैं।
आखिरी 10 ओवर में पलटा मैच
भारत की टीम पहले 10 ओवर में 74 रन पर 3 विकेट खोकर संघर्ष कर रही थी।
इसके बाद शिवम दुबे ने 31 गेंदों में 66 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 6 छक्के शामिल थे। हार्दिक पंड्या ने 21 गेंदों में 30 रन बनाए। दोनों ने मिलकर आखिरी 10 ओवर में 119 रन जोड़कर मैच का रुख बदल दिया।
सूर्यकुमार यादव (34 रन) और तिलक वर्मा (31 रन) ने भी टीम के स्कोर में अहम योगदान दिया।
दुबे की इस पारी ने भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
