मीराबाई चानू का नाम आज पूरे देश में गर्व से लिया जाता है। उन्होंने ओलंपिक में भारत को भारोत्तोलन का पहला पदक दिलाकर इतिहास रचा। उनका जन्म 8 अगस्त 1994 को इम्फाल, मणिपुर में हुआ था। उनका पूरा नाम सैखोम मीराबाई चानू है, लेकिन खेल जगत में वह सिर्फ मीराबाई चानू के नाम से जानी जाती हैं। साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और लाखों खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गईं।
चानू ने 12 साल की उम्र से भारोत्तोलन की ट्रेनिंग शुरू की। परिवार ने हमेशा उनका साथ दिया। 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने सिल्वर मेडल जीतकर पहली बड़ी सफलता पाई। इसके बाद 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड, 2018 के गोल्ड कोस्ट और 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
2020 टोक्यो ओलंपिक में मीराबाई चानू ने 49 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया। वह भारोत्तोलन में ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।
उनकी उपलब्धियों के लिए 2018 में उन्हें पद्मश्री और खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आज मीराबाई चानू भारतीय भारोत्तोलन महासंघ की एथलीट्स कमीशन की अध्यक्ष हैं और खिलाड़ियों की भलाई के लिए काम कर रही हैं।

