
36 हजार करोड़ की एफडी का होगा उपयोग
बीएमसी के पास इस समय करीब 81,449 करोड़ रुपये की सावधि जमा (एफडी) है। बजट में बताया गया है कि इसमें से 36,623 करोड़ रुपये बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स के लिए निकाले जाएंगे। बाकी करीब 44,826 करोड़ रुपये अलग-अलग जरूरी कामों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं और उन्हें नहीं तोड़ा जाएगा।
एफडी के उपयोग को लेकर पहले से राजनीतिक बयानबाजी हो रही थी। अब बजट में इसकी आधिकारिक घोषणा के बाद राजनीति और तेज हो सकती है। बीएमसी प्रशासन का कहना है कि बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए यह जरूरी कदम है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य पर खास जोर
बजट में शहर के विकास के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं।
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वर्सोवा-दहिसर कोस्टल रोड के लिए 4,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
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गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) के लिए 2,650 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
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‘बेस्ट’ बस सेवा को सुधारने के लिए 1,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए कुल 7,456 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से 1,062 करोड़ रुपये नगर निगम अस्पतालों को आधुनिक बनाने और सुविधाएं बढ़ाने के लिए रखे गए हैं।
बजट की 5 खास बातें
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बड़े होर्डिंग पर रोक – 40×40 फीट से बड़े विज्ञापन बोर्ड पर प्रतिबंध लगाया गया है। फुटपाथ और छतों पर भी होर्डिंग लगाने की अनुमति नहीं होगी।
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फेरीवालों को QR कोड – स्ट्रीट वेंडर्स को क्यूआर कोड आधारित डिजिटल प्रमाणपत्र दिए जाएंगे, जिससे पहचान और सत्यापन आसान होगा।
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नया मनोरंजन कर – अक्टूबर 2026 से मनोरंजन के साधनों पर नया टैक्स लगाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
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सरकार पर बकाया – राज्य सरकार पर बीएमसी का 10,948 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है, जिसे वसूलने की कोशिश जारी है।
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रिजर्व फंड का इस्तेमाल – बढ़ते खर्च को देखते हुए अगले साल रिजर्व फंड से 13,765 करोड़ रुपये अतिरिक्त निकालने की योजना है।
कुल मिलाकर, इस बार का बीएमसी बजट बड़ा और महत्वाकांक्षी माना जा रहा है, जिसमें शहर के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया गया है।
