Site icon CHANNEL009

मूंग और सोयाबीन की फसलों पर कीट और बीमारी का खतरा, लगभग 30% फसलें खराब होने का डर

किसान अपनी मूंग, उड़द और सोयाबीन की फसलों को बचाने के लिए कृषि विभाग और धारवाड़ कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से मदद मांग रहे हैं। जिन खेतों में फसलें 25 से 30 दिन पुरानी हैं, वहां बगीचे के घोंघे पौधों को खूब नुकसान पहुंचा रहे हैं।

किसानों को डर है कि अगर इन घोंघों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो उनकी करीब 30 फीसदी फसलें खराब हो सकती हैं। एक किसान ने बताया कि घोंघे सुबह मूंग और उड़द की फसल को नुकसान पहुंचाते हैं और दोपहर में सोयाबीन और मूंगफली पर हमला करते हैं। ये घोंघे बहुत बड़ी संख्या में दिखते हैं और इन्हें रोकना मुश्किल हो रहा है।

कृषि विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि धारवाड़ तालुका में खासकर मूंग और उड़द के खेतों में घोंघों का प्रकोप बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों का सही समय पर और सही तरीके से इस्तेमाल करना ही इन घोंघों को रोकने का सबसे असरदार तरीका है। विभाग प्रभावित इलाकों के किसानों को इन उपायों के बारे में जागरूक भी कर रहा है।

धारवाड़ जिले के यदवाड़, उप्पिनबेटगेरी, गराग, तिम्मापुर, अम्मिनाभावी और आसपास के कई गांवों में कीट और बीमारियों की वजह से मूंग, उड़द, सोयाबीन और अन्य फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। किसानों की चिंता बढ़ रही है क्योंकि वे अपनी फसलें बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

Exit mobile version