न्यूयॉर्क सिटी: 2025 के न्यूयॉर्क मेयर चुनाव में एक अनोखा उम्मीदवार तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है — भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट जोहरान ममदानी। उन्होंने अपनी जड़ों से जुड़ाव दिखाते हुए बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की फिल्म दीवार का प्रसिद्ध डायलॉग “मेरे पास मां है” अपने प्रचार अभियान में इस्तेमाल किया है। उनका यह अंदाज़ न केवल भारतीय-अमेरिकियों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि वैश्विक मीडिया का ध्यान भी खींच रहा है।
कौन हैं जोहरान ममदानी?
जोहरान का जन्म युगांडा के कंपाला में हुआ था, लेकिन वे सात साल की उम्र में अमेरिका आ गए थे। उनकी मां मीरा नायर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक हैं, वहीं पिता महमूद ममदानी कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। इस सांस्कृतिक और बौद्धिक पृष्ठभूमि से आने वाले ममदानी ने कॉलेज के दिनों में Students for Justice in Palestine संगठन के ज़रिए सामाजिक-राजनीतिक सक्रियता की शुरुआत की।
वर्ष 2020 में वे न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के लिए चुने गए, जहां उन्होंने क्वींस जिले का प्रतिनिधित्व किया। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में एक साल के लिए शहर की बसों को मुफ्त करवाना शामिल है, जिसे बाद में एक पायलट योजना के रूप में लागू किया गया।
चुनावी वादे: सबको साथ, सबको सुविधा
जोहरान ममदानी का मेयर अभियान कुछ बड़े और साहसिक वादों के इर्द-गिर्द घूमता है:
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मुफ्त सार्वजनिक बस सेवा
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बच्चों के लिए निशुल्क देखभाल केंद्र
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किराया फ्रीज (Rent Freeze) योजना
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अत्यधिक अमीरों पर टैक्स बढ़ाना
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सस्ती आवास परियोजनाओं का विस्तार
इन योजनाओं को वे सोशल मीडिया पर बेहद प्रभावी वीडियो के ज़रिए प्रस्तुत कर रहे हैं। उनकी शैली में युवाओं को आकर्षित करने का स्पष्ट प्रयास नज़र आता है।
चुनौती: उत्साही समर्थक, लेकिन सीमित दायरा
जहां उनके विचारों को प्रगतिशील और युवा मतदाताओं का समर्थन मिल रहा है, वहीं आलोचकों का मानना है कि उनके कई प्रस्ताव वित्तीय रूप से व्यवहारिक नहीं हैं या उन्हें लागू करने के लिए राज्य स्तर पर मंज़ूरी आवश्यक होगी।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि ममदानी को वाकई जीत की ओर बढ़ना है, तो उन्हें अपने दायरे को सिर्फ प्रगतिशील वर्ग तक सीमित नहीं रखना होगा। न्यूयॉर्क जैसे विविध मतदाता समूहों वाले शहर में सफलता के लिए उन्हें मध्यमार्गी और उदार वर्ग का भरोसा भी जीतना होगा।
क्या इतिहास रचेंगे ममदानी?
यदि जोहरान ममदानी चुनाव जीतते हैं, तो वे न्यूयॉर्क शहर के पहले मुस्लिम और भारतीय-अमेरिकी मेयर बनेंगे। अपने अनूठे चुनाव प्रचार, सांस्कृतिक अपील और समाजवादी दृष्टिकोण के बल पर उन्होंने इस दौड़ को और दिलचस्प बना दिया है।
निष्कर्ष:
जोहरान ममदानी का अभियान एक दिलचस्प मिलाजुला है — भारतीय विरासत, अमेरिकी राजनीति और सामाजिक न्याय की विचारधारा का। अमिताभ बच्चन के डायलॉग से शुरू हुआ उनका यह सफर क्या मेयर की कुर्सी तक पहुंचेगा? यह तो वक्त ही बताएगा, मगर इतना तय है कि न्यूयॉर्क की राजनीति में एक नई ऊर्जा का संचार जरूर हो गया है।

